ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप क्या है? (हिंदी गाइड)
ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप वह पैसा है जो सरकार आपके निर्यात पर आप पर बकाया है, ICEGATE लेजर में एक इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट के रूप में पड़ा हुआ। यहां सीधी हिंदी में यह समझें कि स्क्रिप क्या है, कैसे जारी होती है, और उसका मोल कितना है।
ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप का सीधा मतलब
ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप एक सरकारी इंस्ट्रूमेंट है, जो आपके निर्यात में छिपी हुई ड्यूटी और टैक्स लौटाने के लिए क्रेडिट के रूप में जारी होती है। यह नकद रिफंड नहीं है, बल्कि एक क्रेडिट है जिसे या तो कस्टम ड्यूटी चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है, या किसी और को बेचा जा सकता है। हर स्क्रिप की एक फेस वैल्यू होती है और एक एक्सपायरी तारीख।
RoDTEP और RoSCTL: दो मुख्य स्कीमें
आज सबसे आम दो स्क्रिप हैं। RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) ज़्यादातर निर्यातित उत्पादों पर छिपे टैक्स लौटाती है। RoSCTL (Rebate of State and Central Taxes and Levies) खासतौर पर अपैरल और मेड-अप्स के लिए है। दोनों एक ही तरह काम करती हैं: एक ड्यूटी-क्रेडिट जो लेजर में जमा होता है। इनका आपस में अंतर RoDTEP बनाम RoSCTL में समझाया गया है। MEIS और SEIS जैसी पुरानी स्कीमें भी इसी परिवार की हैं।
स्क्रिप कैसे जारी होती है
जब आप माल निर्यात करते हैं, तो शिपिंग बिल फाइल होता है और सिस्टम में एक स्क्रोल जनरेट होता है। स्क्रोल पोर्ट पर मैच्योर होने के बाद, आपके ड्यूटी-क्रेडिट की स्क्रिप जारी होती है और आपके नाम ICEGATE के Electronic Duty Credit Ledger में दर्ज हो जाती है। आपको इसे अलग से "निकालना" नहीं पड़ता, यह लेजर में आपके IEC के तहत आ जाती है।
यह कहां रहती है: ICEGATE लेजर
स्क्रिप कोई कागज़ नहीं है। यह एक e-scrip है जो ICEGATE के इलेक्ट्रॉनिक लेजर में रहती है, हर एक की अपनी फेस वैल्यू और एक्सपायरी के साथ। वहीं से इसका स्टेटस दिखता है, और वहीं से इसे कस्टम ड्यूटी चुकाने में इस्तेमाल किया जाता है या किसी और को ट्रांसफर किया जाता है। लेजर ही सच्चाई है, कोई स्क्रीनशॉट नहीं।
फेस वैल्यू और एक्सपायरी का मतलब
फेस वैल्यू वह रकम है जो स्क्रिप कस्टम ड्यूटी के खिलाफ पूरी चुका सकती है। एक लाख फेस वैल्यू की स्क्रिप एक लाख की ड्यूटी चुकाती है। इसीलिए स्क्रिप बाज़ार में फेस से थोड़ा नीचे बिकती है, कभी फेस से ऊपर नहीं। एक्सपायरी वह तारीख है जिसके बाद स्क्रिप का इस्तेमाल नहीं हो सकता, इसलिए एक्सपायरी के जितना करीब, खरीदार के लिए उसका मोल उतना कम। विस्तार से फेस वैल्यू और स्क्रिप कब एक्सपायर होती है देखें।
स्क्रिप का इस्तेमाल: बेचें या ड्यूटी में लगाएं
स्क्रिप के साथ आप दो चीज़ें कर सकते हैं। अगर आप निर्यातक हैं और स्क्रिप की ज़रूरत नहीं, तो उसे बेचकर उसकी फेस वैल्यू को कैश में बदल सकते हैं। अगर आप आयातक हैं, तो स्क्रिप खरीदकर अपने Bill of Entry की ड्यूटी नकद के बजाय स्क्रिप से चुका सकते हैं, और चूंकि स्क्रिप फेस से नीचे मिलती है, वही ड्यूटी कम कैश में चुक जाती है। खरीदने की गाइड स्क्रिप कैसे खरीदें में है।
ScripX पर यह सब कैसे होता है
ScripX एक एक्सचेंज है, कोई मार्केटप्लेस नहीं। रेट रोज़ Scrip Reference Rate के रूप में प्रकाशित होता है; हर ऑफर साठ सेकंड के लिए फर्म होता है; सेटलमेंट delivery-versus-payment पर होता है, यानी खरीदार का पैसा स्क्रिप हिलने से पहले लॉक होता है; और पेआउट उसी कारोबारी दिन IMPS से UTR के साथ आता है। हर स्क्रिप लिस्ट होने से पहले उसका provenance जांचा जाता है। देखें ScripX निर्यातकों के लिए कैसे काम करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप क्या है?
यह एक सरकारी ड्यूटी-क्रेडिट है जो आपके निर्यात में छिपी ड्यूटी और टैक्स लौटाने के लिए जारी होता है। यह ICEGATE लेजर में एक e-scrip के रूप में रहता है, हर एक की फेस वैल्यू और एक्सपायरी के साथ, और इसे कस्टम ड्यूटी चुकाने में लगाया या किसी और को बेचा जा सकता है।
RoDTEP और RoSCTL में क्या अंतर है?
दोनों ड्यूटी-क्रेडिट स्क्रिप हैं। RoDTEP ज़्यादातर निर्यातित उत्पादों पर छिपे टैक्स लौटाती है, जबकि RoSCTL खासतौर पर अपैरल और मेड-अप्स के लिए है। काम करने का तरीका एक जैसा है, बस स्कीम और कवरेज अलग हैं।
स्क्रिप की फेस वैल्यू का क्या मतलब है?
फेस वैल्यू वह रकम है जो स्क्रिप कस्टम ड्यूटी के खिलाफ पूरी चुका सकती है। इसीलिए स्क्रिप बाज़ार में फेस से थोड़ा नीचे बिकती है और कभी फेस से ऊपर नहीं, क्योंकि ड्यूटी के मुकाबले उसका मोल फेस पर तय है।
स्क्रिप एक्सपायर होने पर क्या होता है?
एक्सपायरी तारीख के बाद स्क्रिप कस्टम ड्यूटी में इस्तेमाल नहीं की जा सकती, इसलिए उसकी वैल्यू खत्म हो जाती है। इसीलिए एक्सपायरी के करीब वाली स्क्रिप का रेट थोड़ा कम होता है, और उसे समय रहते बेचना या इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
